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11/05/2011

आओ यादों की लहरों में गोते लगाएँ

Father Jose Muthupalakal
  a Synonym for
Discipline, Dedication, Secularism and  

Indian Values.
इससे पहले कि मन के आईने पर, यादों की छवि धुन्धली पड़ जाए;
या फिर उन Great Times की तस्वीरें, आलमारी के सीलन से सड़ जाएँ।

मन हीं मन हजारों गालियाँ दीं थी फादर जोश को,
बीत ना जाए उनके लिए माफी माँगने का अवसर;


या फिर उस दोस्त को बताने का मौका,
जिसकी Tiffin चुरा कर खा जाते थे अक्सर।

दयानन्द सर का Children’s Day पर गाया गया वो पुराना गाना,  
( R D Burman का माँझी वाला)
या फिर Teacher से हमारी शिकायत करने वाला वो दुश्मन पुराना।


अरूण सर के Chemistry Equations की टेढ़ी  पहेली,
या फिर सबसे कट कर रहने वाली वह लड़की अकेली।

विनोद सर के संस्कृत के शब्द रूपों की माला,
या फिर मिस मरियम की कक्षा में पढाए गए दिनकर, निराला।


इन्द्रभूषण सर का बताया हुआ Cell Division,
या सन्दीप सर का बताया छुपी बेरोज़गारी का Definition|

संजय सर की Library में पढे गए किताबों की गिनती,

या फिर मामा की शादी में जाने देने के लिए फादर से की गई विनति,

आओ कैद कर लें उन यादों को इस WA Group के सहारे,
यादों की लहरों में गोते लगाएँ, बैठे ना रहें किनारे।

कि जब भी मन हो भारी,
या छाने लगे सफलता और पैसे की ख़ुमारी,

याद कर लें Fr. Jose की पिटाई,(अभी भी सपनों में पिट्ता हूँ)
और बाँट कर खाई गई Tiffin Box की मिठाई,

और कर लें हिसाब कितना जमा है यादों के बचत खातों में,

जिसे पढ़ कर सूकून की नींद आ जाए परेशानी भरी रातों में।

दिखा सकें अपने जीवन साथी को अपने पहले Innocent Crush की तस्वीर
(Very rare to find a creanite of Fr. Jose’s times to have a crush on someone.)
जो कभी बैठते थे एक Table पर आज कहाँ ले गई उनको तकदीर 

बचपन में जनसंख्या पर भाषण देने वाले सहपाठी के है कितने बच्चे 
(Just Joking, तुकबन्दी only),
या फिर Slam Book में दोस्तों के किए वादे हैं कितने सच्चे 
(Will always be in touch, etc etc)।


दिखा सकें अपने बच्चों को कि हमारा कैसा स्कूल था,
और उसमे पढ़ने वाला तेरा बाप कितना नामाकूल था।

जब ढ़ूढ़ेंगे अपने बच्चों के स्कूलों में क्रेन स्कूल जैसी Quality
और उनके Principals में Fr. Jose जैसी Personality,

तो फिर दिल का बोझ दोस्तों को बताने में यही FB Group काम आएगा,

और हमारे दोस्तों में से कोई हमको समझाएगा,

तू भी नादान है, Fr. Jose जैसा दूसरा नहीं मिलेगा,
जहाँ भी मिले Admission करवा दे, कहाँ कहाँ भटकेगा

5 टिप्‍पणियां:

  1. यादों को संजोना अच्छा लगा वह फ्यूजन लेंग्वेज में यादों को संभाल कर रखना...

    उत्तर देंहटाएं
  2. shabdon ke sath tasweeron ko aise kaid kiya hai jaise koi film chal rahi ho..

    उत्तर देंहटाएं

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Gautam Kumar

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