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06/10/2010

सिगरेट जलइले


जला के सिगरेट होठों से लगा लेते हैं लोग,
पसीने की कमाई धुएँ में उड़ा देते हैं लोग।

जितने पैसों से रामधनी, दिन भर धुआँ उड़ाता है,
उन पैसों बिन उसका बच्चा भूखा हीं सो जाता है।

खुद जी भर के पीते हैं, औरों को भी पिलाते हैं,
मौत बाँटते फिरते है, दोस्ती की कस्में खाते हैं।

चाहे जितने हों पढ़े-लिखे, खुद को रोक नहीं पाते,
हाथ में सिगरेट जलता है, काम करते, पढ़ते, बतियाते।

सिगरेट का धुआँ फेफड़े ही नहीं,घुस जाता है तन-मन में,
बिन सिगरेट नहीं मनती खुशी, दु:ख नहीं कटते जीवन में।
 
सिगरेट पीना कोई जुर्म नहीं, स्टाईल स्टेटमेंट है भाई,
क्या हुआ जो इसके पीने से पड़ोसी को उल्टी आई।

जहाँ-जहाँ भी जाते हैं, हवा में ज़हर घोलते हैं ऐसे,
सारी दुनिया की हवा पर, इनका अधिकार हो जैसे।

हरेक कश के साथ बनता है, धुएँ का जो गुब्बारा,
एक दिन सुखा देगा, उनके जीवन का फब्बारा।

जीवन के अंतिम क्षणों में वो तरसेंगे पल पल को,
आज उड़ा दे चाहे हस के, याद करेंगे ये नसीहतें कल को।

अभी अपनी ज़िन्दगी लोग बर्बाद कर रहे हैं होशों हवास में,
बुढ़ापे में अस्पतालों मे नज़र आएँगे, नए जीवन की तलाश में।

किस हक़ से लोग अपने जीवन को करते हैं बर्बाद,
किस-किस का हक़ है उन पर, क्यों रहता नहीं उन्हें याद।






जब होगा कैंसर, तब वे ऐसे नहीं खिलखिलाएँगे,
सुनके-पढ़के बात हमारी, नहीं पीले दात दिखाएँगे।

प्रकाशित: लेखापरीक्षा-प्रकाश, अप्रेल-जून 2009 अंक

12 टिप्‍पणियां:

  1. इस नए सुंदर से चिट्ठे के साथ आपका हिंदी ब्‍लॉग जगत में स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत अच्छा लिखा आपने.....हमें नशा मुक्त भारत चाहिए
    sparkindians.blogspot.com

    उत्तर देंहटाएं
  3. धुम्रपान के दुष्परिणामों के प्रति चेतना जगाती प्रेरक तथा बहुत सुंदर रचना

    उत्तर देंहटाएं
  4. ब्लाग जगत की दुनिया में आपका स्वागत है। आप बहुत ही अच्छा लिख रहे है। इसी तरह लिखते रहिए और अपने ब्लॉग को आसमान की उचाईयों तक पहुंचाईये मेरी यही शुभकामनाएं है आपके साथ
    ‘‘ आदत यही बनानी है ज्यादा से ज्यादा(ब्लागों) लोगों तक ट्प्पिणीया अपनी पहुचानी है।’’
    हमारे ब्लॉग पर आपका स्वागत है।

    मालीगांव
    साया
    लक्ष्य

    हमारे नये एगरीकेटर में आप अपने ब्लाग् को नीचे के लिंको द्वारा जोड़ सकते है।
    अपने ब्लाग् पर लोगों लगाये यहां से
    अपने ब्लाग् को जोड़े यहां से

    कृपया अपने ब्लॉग पर से वर्ड वैरिफ़िकेशन हटा देवे इससे टिप्पणी करने में दिक्कत और परेशानी होती है।

    उत्तर देंहटाएं
  5. such a good poem having great moral message.....i really appreciate your enthusiasm against these social issues like smoking
    http://isitindya.blogspot.com

    उत्तर देंहटाएं
  6. बहुत सुन्दर प्रस्तुति..धन्यवाद|

    उत्तर देंहटाएं
  7. लेखन अपने आपमें रचनाधर्मिता का परिचायक है. लिखना जारी रखें, बेशक कोई समर्थन करे या नहीं!

    बिना आलोचना के भी लिखने का मजा नहीं!

    यदि समय हो तो आप निम्न ब्लॉग पर लीक से हटकर एक लेख

    "आपने पुलिस के लिए क्या किया है?"
    पढ़ सकते है.

    http://baasvoice.blogspot.com/
    Thanks.

    उत्तर देंहटाएं

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Gautam Kumar

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